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হিন্দী প্ৰবন্ধ, हिंदी दिवस, श्री बन्दना शर्मा, ৪ৰ্থ বছৰ ১ম সংখ্যা,

 हिंदी दिवस




हमारी गर्व, हमारी शान
सबकी प्यारी भाषा
                है  हिंदी
अलग भाषाओं, अलग सुरों में     
          एकता का भाषा
              है हिंदी,
     आओं इस सुनहरी
     अवसर पर खास
           बनाये
     क्योंकि पूरे विश्व को
         जोड़ कर रखने
          की धागा है 
              भाषा हिंदी ।
विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा है हिंदी । हिंदी हिंदूस्तान के स्वाभिमान, सम्मान और गौरव की भाषा है जिसने पूरे विश्व में एक अलग पहचान दिलाई है । विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक भाषा है हिंदी । विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है हिंदी भाषा ।
       हिंदी भाषा को हमारे देश में सम्मान दिलाने के लिए बहुत से महान साहित्यकारों जैसे काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि ने हर संभव और सफल कोशिश की । महान साहित्यकार ब्योहार राजेंद्र सिंह जी ने हिंदी को देश की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की । भारत की स्वतंत्रता के बाद गठित संविधान सभा के महानुभावों ने  सभी साहित्यकारों की मेहनत, योगदान और कड़ी संघर्ष को देखते हुए,१४(14) सितम्बर, सन १९४९(1949) को आपसी सहमति से हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा अथवा राजभाषा का दर्जा दिया और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हर साल १४(14) सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया । इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रसार समिति, वर्धा के अनुरोध पर पहली बार सन १९५३(1953) से संपूर्ण भारत में प्रतिवर्ष १४(14) सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता
है ।
         इसके अलावा सन २००६ (2006) से हर साल १०(10) जनवरी का दिन 'विश्व हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा । हमारे देश की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंदी प्रचार व प्रसार के लिए विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी । इस तरह हिंदी को बढ़वा देने उदेश्य से हर साल १४(14) सितंबर को पूरी देश में हिंदी दिवस और १०(10) जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है ।
हमारी भाषा, हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है । इसके प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है । हिंदी दिवस को हर साल हिंदी के महत्व पर जोर देने और ऐसे लोगों के बीच इसको बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है, जो दुसरी भाषा से प्रभावित है ।   
संस्कृति, भाषा, और जड़ के साथ मैदान में खड़े रहे तो हम अपनी पकड़ को और भी मजबूत बना सकते हैं । हिंदी दिवस एक ऐसा दिवस है जो देश के लोगों को एकजुट होने का काम करता है । यह दिवस मनाने से हमारे भीतर देशभक्ति की भावना और अधिक जागृत होती है, साथ ही हिंदी भाषा सीखने के लिए हमें प्रेरित भी करता है । हिंदी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हिंदी हमारी आधिकारिक भाषाओं में से एक है और इसका महत्व भी बहुत ज्यादा है ।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक साक्षर से निरक्षर तक प्रत्येक वर्ग की व्यक्ति हिंदी भाषा को आसानी से बोल-समझ लेता है । दूसरे देश पाकिस्तान, नेपाल, मारिशस, फिजी, गुयाना, सुरीनाम आदि पर भी व्यापक रूप में हिंदी बोली जाती है । दुनिया भर के लोग हिंदी गीतों और हिंदी फिल्मों की प्रति स्नेह और प्यार को दर्शाता करता है । लेकिन धीरे धीरे इसके महत्व को भूलकर स्कूल, कॉलेज, कॉर्पोरेट कार्यालयों आदि हर जगह दूसरी भाषा को ज्यादा अहमियत देते है । इसी कारण हिंदी भाषा पर कही न कही दवाव बढ़ती जा रही है और राष्ट्रभाषा बनाने के लिए आजतक संघर्ष जारी है ।
हमें यह बात याद रखना होगा पहले हम एक भारतीय है और हमारे देश की पहचान हिंदी भाषा से ही है, जिसका हमें सदैव सम्मान और रक्षा करनी चाहिए । लोगों के बीच हिंदी के प्रति जागरूकता लाने के लिए हिंदी भाषा सम्मेलन आयोजन करना होगा । विद्यालयों में हिंदी के प्रति सम्मान, जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष हिंदी दिवस मनाया जाना अनिवार्य है । उस दिन हिंदी साहित्यिक कार्यक्रम जैसे हिंदी कहानी प्रतियोगिता, हिंदी कविता वाचन प्रतियोगिता, हिंदी में सुलेख लेखन, निबंध लेखन प्रतियोगिता, कविता सम्मेलन आदि आयोजित करना जरुरी है । जिससे विद्यार्थी हिंदी पढ़ने, लिखने, बोलने तथा हिंदी भाषा के प्रति और अधिक आकर्षित होकर पूरी विश्व में हिंदी भाषा को नयी पहचान दिलाएंगे ।
        हिंदी दिवस मनाने का उदेश्य हैं, हिंदी के प्रति लोगों का नजरिया बदल सके और हिंदी भाषा बोलने में गर्व महसूस करें ।


श्री बन्दना शर्मा          
हिंदी शिक्षिका
सत्रपारा आइडियल हाईस्कूल
शिक्षाखंड : रामपुर

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