खेत बंजर हो गए
मचान टूट गए
पेड़ों के पक्षी उड़कर चले गए
कुँआ सूख गया ।
एक फूल का निशान भी बाकी न रहा
धरती सूखकर फट गई,
चारों ओर सूखा पड़ा हुआ है,
मेरा बादल कहीं गुम हो गया
और पीछे , मेरा गाँव उजड़ गया ।
छयगाँव चम्पकनगर गर्ल्स हाईस्कूल
शिक्षाखंड : छयगाँव
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